प्रायः मुहावरे एवं लोकोक्तियों को एक ही समझ लिया जाता है लेकिन रूप और अर्थ दोनों ही प्रकार से इनमें पर्याप्त भिन्नता होती है। मुहावरा ऐसा शब्द-समूह होता है, जो अपने शब्दों के निहित अर्थ न देकर उससे भिन्न, किन्तु एक रूढ़ अर्थ देता है। मुहावरा अभिधेय...
अधिक पढ़ें![Muhavre & Lokoktiyan [Paperback] [Feb 24, 2025] Satya Prakash Singh](https://www.hunarsetu.com/s/62ea2c599d1398fa16dbae0a/g/a71c239e749242cb8aaf580bf27c40f0/51ggiwrjw-l.jpeg)


















