



चंदन की नक्काशी एक बहुमूल्य भारतीय कला है जो सुगंधित चंदन से विस्तृत मूर्तियाँ और वस्तुएँ बनाने पर केंद्रित है। इसकी प्रमुख विशेषताएँ हैं लकड़ी की प्राकृतिक, मीठी सुगंध, इसका महीन दाना जो अविश्वसनीय रूप से बारीक काम के लिए उपयुक्त बनाता है, और इसकी चिकनी, पॉलिश की हुई फिनिश। कारीगर पारंपरिक हस्त औज़ारों का उपयोग करके जटिल डिज़ाइनों को बारीकी से उकेरते हैं, जिनमें अक्सर देवी-देवताओं, पौराणिक दृश्यों, जानवरों या पुष्प आकृतियों को दर्शाया जाता है। सांस्कृतिक रूप से, विलासिता, भक्ति (विशेषकर धार्मिक मूर्तियों के लिए) और उत्कृष्ट शिल्प कौशल के प्रतीक के रूप में इसका महत्वपूर्ण महत्व है। मुख्य रूप से दक्षिण भारत में प्रचलित, यह कला एक समृद्ध पीढ़ीगत विरासत का प्रतिनिधित्व करती है, जो सौंदर्य को सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व के साथ जोड़ती है।