



भारत में संगमरमर की नक्काशी एक प्राचीन कला है जहाँ कारीगर छेनी और अन्य औज़ारों का उपयोग करके कच्चे संगमरमर को अद्भुत मूर्तियों और जटिल सजावट में बदल देते हैं। यह अपनी सटीकता, सूक्ष्म बारीकियों और संगमरमर की चिकनी, चमकदार सतह के लिए जानी जाती है। यह कला भारत की स्थापत्य विरासत से गहराई से जुड़ी हुई है, जो विशेष रूप से ताजमहल और असंख्य मंदिरों जैसी भव्य संरचनाओं में स्पष्ट दिखाई देती है। इसका सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व बहुत अधिक है, और यह एक स्थायी सुंदरता का निर्माण करती है जो पवित्र स्थलों और दैनिक जीवन, दोनों को सुशोभित करती है।